Shib Verma

Pujibadi Janabad - (Marxbad Parichaymala - 4)
Shib Verma · 2012
על הספר
पूंजीवादी जनवाद की मुख्य और बुनियादी विशेषता यह है कि वह शोषक (अल्पमत) के तो हक़ में जाता है और मेहनत करने वाले बहुमत के खिलाफ इस जनवाद का आधार पैदावार के साधनों पर व्यक्तिगत प्रभुत्व है। ऐसा जनवाद रस्मी , झूठा और अधूरा जनवाद है। यह जनवाद अमीर उमराओं और रईसों के लिए तो स्वर्ग होता है और शोषितों , गरीबों के लिए धोखा और मृगजाल है। मार्क्सवाद परिचय माला के यह चौथी किताब इसका खुलासा करती है। समाजवादी जनवाद, जनता का जनवाद और राष्ट्रीय जनवाद पर माला की पांचवी पुस्तक में लिखा गया है।
פרטי הספר
- שנה
- 2012
- הוצאה
- National Book Agency Private Limited
- מהדורות
- 1
- עמודים
- 32
- ISBN
- 9789348253910
מקור הנתונים: Wikidata



